‘ लाल- बत्ती ‘


हमारे ख़यालात कितने अलग है न एक-दूसरे से ~पराग

अग़र ख़याल भी इक जैसे होंगें तो , हमारा Conversation कैसे आगे बढ़ेगा ~ देव 

हां पर , ज़रूरी तो नहीं कि ख़याल इतने मुख़्तलिफ़ हों~ पराग

नहीं , पर जहाँ Conflict होता है न वहां इक दूसरे को समझने का Scope काफी रहता है ~देव

सच मे ~पराग

हां , पर तुम बस इससे Discussions तक ही रखना ,क्योंकि हम Roommate भी है तो उस लिहाज़ से कुछ “खयाल” मिलने भी चाहिए ~देव

हम्म….. Smart but देर हो गयी दोस्त , और तुम्हें क्या लगता है ? इस बार मौका तो तुमने दिया है ~पराग

अच्छा ठीक है पर Obsessed मत होना ~देव

Let’s see , I can’t say it more ~पराग

वैसे तो I know न कि , what kind of fantasy that you have but….. Figure out करना थोड़ा मुश्किल होगा ~देव

अच्छा जी , ध्यान से आगे Red Light है ~पराग

कहाँ ~देव

तुम्हारे आगे देव ~पराग

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