मुहाजिर…!


~
बेवफाई नहीं कर रहे थे वो ,
गुमां ही कुछ ऐसा था उनको ।

ये जो हम थे जो अब तक
उनकी अना से भी वफ़ा ही कर रहे थे ।

लाज़मी ही था उनका कुछ कहकर ,
यूँ बिछड़ना ।

पर वो हम थे जो उनको ,
यूँ ख़ामोश होकर ही विदा कर रहे थे ।

क्यों जरूरी हो गया उन आख़िरी पलों में ,
उनको पलटकर यूँ देखना ।

पर एक वो थे जो हमको ,
उन आखिरी पलों में यूँ छोड़ जा रहे थे ।

#yqbaba#yqdidi#yqbhaijaan#मुहाजिर#

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