कैन्टीन Cum ढाबा….!


~ दरअसल इश्क़ सिर्फ उन तीन अल्फ़ाज़ों तक सिमट कर नही रह जाता , ये ज़िन्दगी की तरह हर रोज़ उन नए पहलुओं से हमें रूबरू कराती है जिसका दीदार हम पहली बार कर रहे होते हैं ।
और यहाँ हर रोज़ आपको खुद से किये वादे के खिलाफ ही लड़ना होता है , ताकि दुसरे से किया वायदा आप निभा पाएं ।

सुनो बात एक पूछनी थी तुमसे ~ अक्षत

उफ्फ हो तुम और तुम्हारी बात , कितनी बार बोला है पूछा मत करो बस कह दिया करो ~मीरा

क्यों , वो तुम्हारे मूड का पता नही न ~अक्षत

हाँ , वो तो है कहो क्या कहना है बस I Love you मत बोलना , बड़ा बोरिंग साउंड होता है ~मीरा

डरो मत ,इस जन्म में नहीं बोलने वाला। खैर कल आ रहा हूँ ,तो सोच रहा मिल लूँ ~अक्षत

हम्म्म्म…..अच्छा सोच लेते हो ~मीरा

हाँ तो बोलो कब और कहाँ मिलना है ~अक्षत

मैंने अभी हाँ कहाँ बोला जो प्लान बनाने लगे ~मीरा

पर ना तुम नहीं बोलोगी ,मुझे बस ये पता है ~अक्षत

अच्छा जी , इतना भरोसा है मुझ पर ~मीरा

नहीं ,खुद पर है ,वो क्या है ना हैं तो हम कस्बे वाले ही लोग तो मासूमियत झलक ही आती है हमारे चेहरे पे ~अक्षत

पर मुझे नहीं है ना इतना भरोसा ~मीरा

किस पर ???~अक्षत

अपने घर वालों पे की बगैर किसी काम के वो मुझे बाहर जाने देंगे , I Mean क्या बोल के आउंगी मैं मिलने तुमसे ~मीरा

कुछ भी बोल देना , एक आध धण्टे की तो बात होगी ~अक्षत

यहां कुछ भी से काम नहीं चलता न , कोई वैलिड रीज़न दो तभी आ पाउंगी मिलने ~मीरा

हम्म्म्म……ऐसा क्या है ,बोल देना फ़्रेंड के यहाँ जा रही हूं , कॉलेज में काम है या कोई सामान लेने है वग़ैरा ~अक्षत

सब बकवास , मम्मी को पता है कि मैं कॉलेज पिछले हप्ते गयी थी , फ़्रेंड मेरी इस टाइम यहाँ है नहीं एंड शॉपिंग तो हम उनके साथ ही करते हैं ~मीरा

कोई और हो तो बताओ ,वार्ना फिर कभी मिल लेंगे ~मीरा

You know तुम बहोत पत्थर दिल हो , मतलब अगर मैं रीज़न नही दे पाया तो तुम मिलने नहीं आ पाओगी ~अक्षत

हां ऐसा ही समझ लो , तुम एक रीज़न नहीं दे पा रहे हो ,इतना तो करना पड़ेगा न हमारे लिए ~मीरा

हम्ममम्म……… अच्छा तुम बोल देना ऑन्टी से की हम आ रहे हैं मिलने ,इतना तो कर सकती हो न ~अक्षत

नहीं मैं नहीं कर सकती मिलना तुम्हें है तुम सोचो ~मीरा

बड़ी Rude हो यार तुम , देखो मुझे नहीं पता कि कल तक मैं तुम्हें कोई रीज़न दे पाऊंगा या नहीं , नहीं मालूम पर हाँ कल मैं तुम्हारा इंतज़ार ज़रूर करूँगा सिविल लाइन चौक पे और तुम्हें फ़ोर्स भी नहीं करूंगा कि तुम जबरदस्ती आओ , दिल करे तभी आना वर्ना Isq pe koi jor nahi Galeeb ! ~अक्षत

हम्म्म्म तुम बस बातें कर लो, चलो आना हुआ तो बताउंगी ~मीरा

औऱ नहीं आना हुआ तब मीरा ~अक्षत

तब का पता नहीं अक्षत ….????

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2 विचार “कैन्टीन Cum ढाबा….!&rdquo पर;

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