पराग ….!


जो तुम आते हो हर बार
हमेशा कुछ रह जाता है ,
जानें क्यूँ अन्दर ही अन्दर
सब खल जाता है ।

उम्मीद भी बहुत होती है तुमसे ….
और बातें भी ,
पर न जाने क्यूँ ,
तुमसे मिलते ही सब ठहर जाता है ।

माँ की यादें , बापू के क़िस्से
या फिर हमारे घर घर खेलने की वो बात ,

सब कुछ समेट लेना चाहते हैं न हम ।
क्या करें दिल ही कुछ ऐसा है

जो तुम्हें देख के मचल जाता है ।

याद है जब पहली दफा देखा था हमने
तुम तो थे वहीं
बस कहीं और खड़ा था मैं ,

पहचानता नहीं था तब तक ,
जिसके गले पड़े थे तुम अब तक ।

काले रंग का बैग , भूरे रंग का शर्ट
और नीले रंग के फ्रेम वाला चश्मा , यही पहना था न तुमने ।

कही ये पढ़ने वाला लड़का तो नहीं ,
ये सोच के सहमा था मैं

सुनो भूल मत जाना तुम ये सब
बस है यही कहना मुझे अब ।

#yqbaba#yqdidi#yqbhaijaan#yqtale# पराग #

Follow my writings on https://www.yourquote.in/safar03raman #yourquote

Advertisements

एक उत्तर दें

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  बदले )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out /  बदले )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  बदले )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  बदले )

Connecting to %s