इक याद साझा किए देता हूँ ..!

यूँ तो आपसे जुड़ी बातों का हर लम्हा , ज़ेहन में कैद हो चुका है पर पिछली दफ़े जब लगभग 9 साल बाद आप दोबारा हमे छोड़ने को मिर्ज़ापुर रेलवे स्टेशन पे आये तो , एक बार फिर से यादों का जखीरा सामने आ खड़ा हुआ । और ये फोटो उसी वक़्त चुपके से ली … पढ़ना जारी रखें इक याद साझा किए देता हूँ ..!

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माँ , जलेबी और फरुखाबादी 

पार्ट ~2 अबतक पराग के फ्लैट पे आये अक्षत को एक घंटे हो गए थे , और तब तक वो उसके फ्लैट के interior को समझ रहा था , यही कोई शाम के 7 बजने को थे , ठीक ढलती शाम के बाद वाला वक़्त जो दिन के गुज़र जाने की मुकम्म्मल गवाही देता है … पढ़ना जारी रखें माँ , जलेबी और फरुखाबादी 

माँ , जलेबी और फरुखाबादी 

Disclaimer ~ कहानी का ये सिर्फ पहला हिस्सा है ! पता नही आप सब की लाइफ में वो बरगद का पेड़ है या नहीं , पर अक्षत की लाइफ में एक बरगद का जरूर था , जिसकी दरख्तों में बैठकर वो अपने ज़िन्दगी के उन लम्हों को संजोता था जिसे को कभी जी नहीं सका … पढ़ना जारी रखें माँ , जलेबी और फरुखाबादी 

इक ख़त है जो तुम्हारे नाम लिख रहा हूँ , कुछ नहीं बस एहतराम लिख रहा हूँ । बहुत दफ़े लिख ली अपनी मोहब्बत , इस दफ़े बस अपनी वो रात लिख रहा हूँ , उस रात में बीती एक याद लिख रहा हूँ । ख़्वाहिश उम्मीद और मुलाकात सब कुछ था उसके हिस्से में … पढ़ना जारी रखें

चलो इक वादा करतें हैं , सफ़र में साथ चलने का ..! 

यूं  बदस्तूर कहीं तू मेरा हमदम न बन जाये । की मत कर इतने क़रीब हमें कहीं ये ज़माना तेरा दुश्मन न बन जाए । बहुत नाज़ुक से रिश्ते हैं तेरे और मेरे क़िस्से में वफ़ा की राह पे चलना सबकी आस पर टिकना , कभी मुमकिन नहीं था तू जो अब मेरे हिस्से में … पढ़ना जारी रखें चलो इक वादा करतें हैं , सफ़र में साथ चलने का ..! 

मम्मी , किचन और हम 

#yqbaba#yqdidi#yqtale#मम्मी और हम # और आपकी बातें Disclaimer ~ ये माँ बेटे का रिश्ता है ,इसे तर्क के तराजू पे मत तौलियेगा । बचपन मे जब कभी भी मैं बहाने बनाकर स्कूल जाने के बजाय घर रुककर आपके साथ किचन के काम शेयर करवाता , ताकि आपका गुस्सा ज्यादे देर न रहे और आप पापा … पढ़ना जारी रखें मम्मी , किचन और हम